भारतीय एथलेटिक्स में इस समय एक नाम तेजी से चर्चा में चल रहा है अभिनया राजाराजन। 19 साल की इस एथलीट ने भुवनेश्वर में ऐसा कमाल किया जिसकी शायद उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी। महिलाओं की 100 मीटर दौड़ अभिनया ने 11.34 सेकंड में कम्पलीट कर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता बल्कि अपना ही U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड वापस हासिल कर लिया। खास बात यह है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब कुछ महीने पहले वह गंभीर चोट से जूझ रही थीं।
अभिनया राजाराजन ने 100 मीटर में क्या किया?
22 अगस्त को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर लेवल मुकाबले में अभिनया महिलाओं की 100 मीटर रेस में उतरीं। रेस शुरू होने के बाद वो पूरी कुशलता से दौड़ी और 11.34 सेकंड में ही उन्होंने फिनिश लाइन क्रॉस कर दी।
यह उनके करियर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। लेकिन इस दौड़ की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ समय नहीं है। अभिनया ने इसी प्रदर्शन के साथ भारतीय अंडर-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया।
11.34 सेकंड में तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड
अभिनया का पिछला U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड 11.54 सेकंड था, जिसे उन्होंने 2025 में कोच्चि में बनाया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में निपम ने 11.53 सेकंड के समय के साथ यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था। यानी अभिनया के पास अपना रिकॉर्ड वापस लेने का एक और कारण भी था। भुवनेश्वर में उन्होंने 11.34 सेकंड का समय निकालकर निपम के 11.53 सेकंड के रिकॉर्ड को 0.19 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। स्प्रिंट जैसी छोटी दूरी की रेस में यह अंतर काफी बड़ा माना जाता है।
चोट के बाद वापसी को बनाया यादगार
अभिनया की इस जीत को खास बनाने वाली सबसे बड़ी वजह उनकी चोट है। फरवरी 2026 में चीन के तियानजिन में एशियन इंडोर चैंपियनशिप के दौरान उन्हें घुटने में गंभीर चोट लगी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके ACL, मेनिस्कस और पटेला में चोट आई थी और उन्हें कुछ समय तक ट्रैक से दूर रहना पड़ा।
ऐसे समय में एक युवा खिलाड़ी के लिए दोबारा उसी रफ्तार में लौटना आसान नहीं होता। लेकिन अभिनया ने जल्दबाजी करने के बजाय धीरे-धीरे वापसी की और अपनी टाइमिंग में लगातार सुधार किया और फिर भुवनेश्वर में उन्होंने जो किया उसने पूरी कहानी बदल दी।
रेस में अभिनया के बाद कौन रहा?
अभिनया ने 11.34 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनके पीछे हरिता भद्रा ने 11.46 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि स्नेहा सत्यनारायण शानू 11.56 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
इस प्रदर्शन के बाद अभिनया अब भारतीय महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में भी खास जगह बना रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 11.34 सेकंड का समय उन्हें भारत की ऑल-टाइम सूची में तीसरे स्थान के आसपास ले जाता है, जबकि उनसे आगे दुती चंद और रचिता मिस्त्री के नाम हैं।
अभिनया राजाराजन कौन हैं?
अभिनया राजाराजन तमिलनाडु की युवा भारतीय स्प्रिंटर हैं और मुख्य रूप से 100 मीटर दौड़ में प्रतिस्पर्धा करती हैं। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उनका सफर सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। जूनियर स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद वह भारतीय एथलेटिक्स की उन युवा धाविकाओं में शामिल हो गई हैं जिन पर आने वाले वर्षों में नजर रहेगी। वर्ल्ड एथलेटिक्स की प्रोफाइल में भी 2026 के लिए उनकी 100 मीटर की सर्वश्रेष्ठ टाइमिंग अब 11.34 सेकंड दर्ज है।
अभिनया की इस जीत का मतलब क्या है?
अभी अभिनया सिर्फ 19 साल की हैं। इसलिए इस प्रदर्शन को भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए भी अच्छी खबर माना जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने सिर्फ रिकॉर्ड वापस नहीं लिया, बल्कि अपने पुराने समय में काफी सुधार किया है। 11.34 सेकंड का समय यह दिखाता है कि चोट से लौटने के बाद भी उनकी स्पीड कम नहीं हुई, बल्कि वह पहले से बेहतर स्थिति में पहुंचती दिखाई दे रही हैं।
अभिनया राजाराजन का अगला लक्ष्य क्या होगा?
एक रिकॉर्ड बनाने के बाद उसे बरकरार रखना हमेशा बड़ी चुनौती होती है। अभिनया ने अभी एक बड़ा कदम उठाया है, लेकिन उनके लिए असली परीक्षा अब आगे होगी। अगर वह लगातार 11.3 सेकंड के आसपास की टाइमिंग निकालने में सफल रहती हैं और अपनी फिटनेस को बनाए रखती हैं, तो आने वाले समय में भारतीय सीनियर एथलेटिक्स में भी उनका नाम और तेजी से ऊपर जा सकता है।
भुवनेश्वर की यह दौड़ उनके लिए सिर्फ एक रेस नहीं थी। कुछ महीने पहले जिस ट्रैक से वह चोट की वजह से दूर हो गई थीं, उसी ट्रैक पर लौटकर उन्होंने U20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। शायद इसी वजह से अभिनया राजाराजन की 11.34 सेकंड वाली यह दौड़ आने वाले समय तक याद रखी जाएगी।
