Asian Games में इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर Quimcy Dsouza, आज सेमीफाइनल में उतरेंगी भारत की स्टार

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए आज का दिन काफी खास रहने वाला है। क्रिकेट और दूसरे खेलों के बीच एक ऐसा नाम भी चर्चा में है, जिसके बारे में शायद बहुत से भारतीय फैंस पहली बार जान रहे हैं। यह नाम है क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा, जिन्होंने Teqball में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।

जापान की टॉप सीड को हराकर मचाया तहलका

क्विंसी का सबसे बड़ा मुकाबला जापान की युइना सकामोटो के खिलाफ रहा। शुरुआती गेम में भारतीय खिलाड़ी को 10-12 से हार मिली, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। दूसरे गेम में क्विंसी ने 12-11 से बाजी मारी और फिर निर्णायक गेम में 13-11 से जीत हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। यानी मुकाबला कितना करीबी था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैसला आखिरी गेम तक गया। इसके बाद कंबोडिया की कोमैन डे के खिलाफ क्विंसी ने ज्यादा परेशानी नहीं होने दी। उन्होंने यह मुकाबला 12-9 और 12-7 से जीतकर ग्रुप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।

अब मेडल से सिर्फ एक जीत दूर

क्विंसी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने ग्रुप में टॉप करके सीधे सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब 19 सितंबर को सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया से है। अगर क्विंसी यह मुकाबला जीत जाती हैं तो वह भारत के लिए टेकबॉल में ऐतिहासिक मेडल पक्का कर देंगी। यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि 2026 एशियाई गेम्स में टेकबॉल पहली बार शामिल किया गया है। यानी एक जीत क्विंसी को सीधे फाइनल में पहुंचा देगी और भारत के खाते में इस नए खेल का पहला एशियन गेम्स मेडल भी आ जाएगा।

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आखिर क्या है Teqball?

अगर आपने भी Teqball का नाम पहली बार सुना है तो इसे आसान भाषा में समझें। यह खेल फुटबॉल और टेबल टेनिस के कुछ अंदाज को मिलाकर खेला जाता है। इसमें खिलाड़ी हाथों का इस्तेमाल नहीं कर सकते और एक घुमावदार टेबल के ऊपर गेंद को खेलते हैं। इस खेल में पैरों के साथ-साथ शरीर के दूसरे हिस्सों से भी गेंद को नियंत्रित करना पड़ता है, इसलिए इसमें अच्छा बॉल कंट्रोल और तेजी की बहुत जरूरी होती है।

भारत की नजर अब इतिहास पर

Quimcy Dsouza के लिए यह एशियन गेम्स डेब्यू है और डेब्यू में ही उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया है कि अब पूरा ध्यान उनके सेमीफाइनल मुकाबले पर है। भारत के लिए भी यह मौका खास है क्योंकि टेकबॉल में देश को अपना पहला एशियन गेम्स मेडल दिलाने की जिम्मेदारी अब क्विंसी के कंधों पर है।

19 सितंबर को होने वाला यह सेमीफाइनल सिर्फ एक मैच नहीं होगा। अगर क्विंसी यहां जीत दर्ज करती हैं तो वह न केवल फाइनल में पहुंचेंगी, बल्कि भारत के लिए टेकबॉल में इतिहास भी बना देंगी। अब देखना होगा कि भारतीय खिलाड़ी इस शानदार सफर को मेडल तक पहुंचा पाती हैं या नहीं।